तेजस्वी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं उनकी भाभी एश्वर्या, चंद्रिका राय ने दिये संकेत

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Patna:आरजेडी के युवराज तेजस्वी प्रसाद यादव को अगले विधानसभा चुनाव में अपनी भाभी से ही मुकाबला करना पड़ सकता है. तेज प्रताप यादव की पत्नी एश्वर्या तेजस्वी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं. एश्वर्या के पिता चंद्रिका राय ने इसके संकेत दे दिये हैं. चंद्रिका राय ने खुद भी आरजेडी छोड़ कर जेडीयू में शामिल होने की पुष्टि कर दी है.

तेजस्वी के खिलाफ एश्वर्या

एक अंग्रेजी अखबार को दिये गये इंटरव्यू में चंद्रिका राय ने इसके संकेत दिये. चंद्रिका राय ने खुलकर तो ये नहीं कहा कि उनकी बेटी एश्वर्या तेजस्वी के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रही हैं लेकिन इशारों में सारी बात कह दी. उन्होंने कहा कि समय बतायेगा कि एश्वर्या क्या करेंगी. लेकिन हर कोई चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र है. समय आने पर लोगों को पता चल जायेगा कि एश्वर्या क्या करने जा रही हैं. लेकिन इतना कह सकते हैं कि कुछ भी संभव है. चंद्रिका राय से अंग्रेजी अखबार के संवाददाता ने ये पूछा था कि क्या एश्वर्या तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव लडने जा रही है. जबाव में चंद्रिका राय ने यही कहा. जाहिर है उन्होंने संकेत दे दिये कि एश्वर्या चुनाव मैदान में उतरने के मूड में है.

खुद जेडीयू में शामिल होंगे चंद्रिका राय

फिलहाल सारण के परसा से आरजेडी के विधायक चंद्रिका राय ने कहा कि उनकी नीतीश कुमार से बातचीत हो गयी है. जेडीयू में जाना तय है लेकिन आगे क्या कैसे होगा ये एक महीने में स्पष्ट हो जायेगा. चंद्रिका राय ने कहा कि वे अगला चुनाव परसा विधानसभा क्षेत्र से ही लड़ने जा रहे हैं. किसी और सीट से चुनाव लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है.

भतीजी करिश्मा से बात नहीं होती

चंद्रिका राय की भतीजी करिश्मा हाल ही में आरजेडी में शामिल हुई हैं. चर्चा ये है कि करिश्मा को उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी है. इस बारे में पूछे जाने पर चंद्रिका राय ने कहा कि उनकी करिश्मा से बातचीत नहीं होती है. उन्हें मालूम नहीं कि कौन उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने जा रहा है. चंद्रिका राय ने कहा कि कोई न कोई तो उनके खिलाफ चुनाव लड़ेगा ही. कोई भी लडे, वे अपने काम पर वोट मांगेगे. अगर कोई गंदी राजनीति कर रहा है तो करे. जनता उसका जवाब देगी.

चुनाव में आरजेडी का खात्मा तय

चंद्रिका राय ने कहा कि अगले चुनाव में क्या होने जा रहा है ये हर कोई जान रहा है. आरजेडी और उसका महागठबंधन मुकाबले में कहीं है ही नहीं. NDA का भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी तय है. वैसे भी आरजेडी का अंत तय हो गया है. पार्टी में भारी नाराजगी है. गरीबों के नाम पर पैसे का जो खेल खेला जा रहा है उससे पार्टी का हर नेता नाराज है. इस पार्टी को अब कोई नहीं बचा सकता.