पहली बार विधानसभा में इतने गुस्से में दिखे CM Nitish, कहा- भाई समान दोस्त का बेटा है, इसलिए कुछ नहीं कहता

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Patna: बिहार में 7वीं विधानसभा के पहले सत्र का आखिरी दिन भी हंगामेदार रहा। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार को एक लड़का है। है भी या नहीं, पता नहीं और लड़की पैदा न हो जाए, इस वजह से उन्होंने आगे बच्चे पैदा नहीं किए। मुख्यमंत्री जी पर यह शोभा नहीं देता कि वह दूसरों के बच्चों को गिनें।

इस बात पर नीतीश कुमार बहुत नाराज हुए। उन्होंने कहा- तुम मेरे भाई समान दोस्त के बेटे हो इसलिए सुनता रहता हूं। इस बीच, सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद भी हुआ। और तेजस्वी ने कहा कि सत्ता पक्ष में चोर और बेईमान लोग हैं। NDA चोर दरवाजे से सत्ता में आया है। उसने जनादेश का अपमान किया है।

नीतीश बोले- तेजस्वी चार्जशीटेड हैं, फिर भी कुछ से कुछ बोलते हैं

इस पर नीतीश बोले कि यह झूठ बोल रहा है। इस मामले में जांचकर इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। नीतीश कुमार ने कहा कि एक वोट से जीत भी जीत होती है। तुम्हें आपत्ति है तो कोर्ट जाओ। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद को विधायक दल का नेता मैंने बनाया था। इसे (तेजस्वी को) डिप्टी सीएम भी मैंने ही बनाया था। लोगों को मर्यादा का पालन करना चाहिए।

नीतीश ने कहा कि विपक्षी दल के नेता तेजस्वी यादव चार्जशीटेड हैं, फिर भी कुछ से कुछ बोलते हैं। उन्होंने माले पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे कुछ सीट जीत गए हैं। वह झगड़ा लगाएंगे लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। हम बहुत जल्दी कार्ययोजना बनाएंगे। विधानसभा नियम के अनुरूप चलना चाहिए। नीतीश जब यह सब बोल रहे थे, उस समय विपक्ष के सदस्य हंगामा कर रहे थे।

तेजस्वी के बयान पर सत्ता पक्ष ने हंगामा किया

इससे पहले, तेजस्वी यादव के बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी सदन में हंगामा किया। हालांकि, तेजस्वी के बयान को विधानसभाध्यक्ष ने रिकॉर्ड से हटा देने की बात कही। दरअसल, चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद का नाम लिए बगैर यह बयान दिया था कि लड़के की चाहत में कुछ लोग अपने बच्चों का इतना बड़ा कुनबा बना लेते हैं। इसी के जवाब में तेजस्वी ने यह सारी बातें कही।

तेजस्वी बोले- आज हम सबसे बड़ी पार्टी हैं

तेजस्वी ने कहा कि पिछले चुनाव में नीतीश कुमार कहते थे कि उन्हीं की वजह से राजद इतनी सीटें हासिल कर पाया। ठीक है…इस बार तो हम अपने चेहरे पर चुनाव लड़े थे और पिछली बार से दोगुने वोटों से जीत कर आए हैं। ये होता है चेहरे का कमाल। नीतीश कुमार तो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के साथ चुनाव लड़ रहे थे और आज तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गए हैं। आज हम सबसे बड़ी पार्टी हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा कि पहली बार राज्यपाल का अभिभाषण इतना छोटा था। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक मेरे जैसे 31 साल के लड़के के पीछे लगे रहे। मेरा क्या-क्या नाम दिया उन्होंने। मुख्यमंत्री के सामने जब शुचिता की बात आती है तो हमने हमेशा उनका सम्मान किया है, उन्हें चाचा कहकर सम्बोधित किया।

मगर उन्होंने मेरे माता-पिता के बारे में क्या कहा? कि बेटे की चाह में बेटियां पैदा करते रहे। उन्हें पता होना चाहिए कि हमारे दो भाई के बाद एक बहन भी है। मैंने तो उन्हीं की बातों को दोहराया कि एक बेटे के बाद उन्होंने कोई बच्चा इसलिए पैदा नहीं किया कि कहीं बेटी ना हो जाए।

घोटालों पर भी नीतीश सरकार को घेरा

तेजस्वी ने घोटालों पर भी नीतीश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सृजन घोटाले में 3300 करोड़ रुपए सरकारी खजाने से निकाले गए। मुख्यमंत्री जी बताएं कि आजतक इस घोटाले में संलिप्त एक भी व्यक्ति या नेता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? अमित और प्रिया की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

सीएजी की 2008-09 और आरबीआई की 2012 की रिपोर्ट मेरे पास है। इनकी सरकार में 15 साल में 7 घोटाले हुए। सुशील मोदी जब वित्त मंत्री थे तो उनके अकाउंट में करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ। इन घोटालों का हिसाब कौन देगा? तेजस्वी ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चुटकी लेते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण से बड़ा तो धन्यवाद प्रस्ताव था।

विधानसभा अध्यक्ष के कहने के बावजूद तेजस्वी ने मास्क नहीं लगाया
तेजस्वी ने कोरोना को लेकर कमेटी नहीं बनाने का आरोप सत्ता पक्ष पर लगाया। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से आवाज लगने लगी कि तेजस्वी मास्क का प्रयोग करें। इस पर तेजस्वी ने जवाब दिया कि वे मास्क लेकर आते हैं। विधानसभा अध्यक्ष के कहने पर जेब से मास्क निकालकर तेजस्वी ने सदस्यों को दिखा भी दिया, पर लगाया नहीं। मास्क को फिर से पॉकेट में रख लिया।

ललन पासवान ने सुरक्षा मांगी

भाजपा के ललन पासवान ने कहा कि मुझे प्रलोभन दिया गया, जिसका मैंने पर्दाफाश किया। प्रलोभन देने वाले लोग ताकतवर हैं और मुझे आशंका है कि उनकी ओर से मेरे परिवार को शारीरिक और मानसिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसलिए मुझे सदन की ओर से संरक्षण प्रदान किया जाए। मुझे धमकी दी गई, ये लोकतंत्र पर हमला है।

हम मजाक की बात कर रहे थे: नीतीश

बाद में विधानसभा के बाहर नीतीश कुमार ने चुनाव प्रचार के दौरान कुछ लोगों द्वारा सात-आठ बच्चे पैदा करने वाले बयान पर कहा- भाई, वो तो हम मजाक की बात कर रहे थे। हम प्रजनन दर की बात करते रहे। अब उसी में मजाक में हमने कोई बात कह दी। हम किसी के बारे में कुछ कहने गए? लोग खुद ही अपने बारे में सोचते हैं। अब तो एक बात समझ लिए न कि लोगों को ये फीलिंग होती है। आगे उन्होंने कहा कि मेरे बारे में कोई बयान देता है तो देता रहे, लेकिन सदन की मर्यादा का ख्याल रखा जाए। ये बात सही नहीं थी। हम तो कुछ बोलने वाले भी नहीं थे। वो तो विजय चौधरी जी ने कुछ बात रख दी फिर उसपर जब बात हुई तो फिर मुझे बोलना पड़ा।

विधान परिषद में भी हंगामा, भावुक हुईं राबड़ी

उधर, विधान परिषद में राबड़ी देवी ने कहा कि आज बिहार के लोग परेशान हैं। पिछले 15 सालों में बिहार में सिर्फ झूठा विकास हुआ। हमारे 15 साल के शासन को चलने नहीं दिया गया। चारा घोटाला की साजिश के तहत हमें फंसाया गया। जबकि चारा घोटाला पहले से हो रहा था फिर 1990 से जांच क्यों शुरू हुई?

राबड़ी देवी ने कहा कि आज राजद विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है। सरकार की साजिश के कारण हमें कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। NDA ने अगर नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव जीता तो जदयू को 42 सीटें ही क्यों आईं? इससे पहले, राबड़ी देवी सदन में खुद को अनपढ़ कहने पर भावुक हो गईं। कहा- पहले के दिनों में स्कूल नहीं थे इसलिए नहीं पढ़े। हमारे बाप-दादा ने नहीं पढ़ा तो हमारी की क्या गलती? लालू प्रसाद ने आवाज दी तो आज सब लोग पढ़ रहे हैं।