अगले हफ्ते आयोग कर सकता है बिहार चुनाव के तारीखों का एलान, यहा जानें कितने चरणों में होगा मतदान

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Patna:कोरोना के इस दौर में बिहार विधानसभा चुनाव कराने को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. अगले हफ्ते कभी भी विधानसभा चुनाव और उपचुनावों की तारीखों का एलान किया जा सकता है.सूत्रों का कहना है कि चुनाव के लिए आयोग ने अर्धसैनिक बलों की संख्या के लिए गृह मंत्रालय को सूचित कर दिया है. आयोग चुनावी तैयारियों को लेकर संतुष्ट है. पिछली बार नौ सितंबर को चुनाव की घोषणा की गयी थी और पांच चरणों में चुनाव हुआ था. लेकिन कोरोना को देखते हुए संभावना है कि चुनाव तीन चरणों में हो.

प्रत्याशियों के खर्च सीमा में 10%बढ़ोतरी करने की सिफारिश
गौरतलब है कि कोरोना के कारण मास्क, सैनिटाइजर और अन्य जरूरी चीजों के उपयोग को देखते हुए चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को प्रत्याशियों के खर्च सीमा में 10%बढ़ोतरी करने की सिफारिश की है. केंद्रीय कानून मंत्रालय आयोग के इस प्रस्ताव को जल्द स्वीकार कर सकता है. कोरोना को देखते हुए बिहार में इवीएम, वीवीपैट भी अतिरिक्त संख्या में मुहैया कराये गये हैं. आयोग चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों को मास्क, ग्लब्स, पीपीइ किट और फेस शील्ड मुहैया करायेगा.उनके स्वास्थ्य की निगरानी लगातार की जायेगी और अतिरिक्त कर्मियों की भी व्यवस्था की जायेगी.कोराेना संकट के दौर में यह पहला चुनाव होगा. इस बार चुनाव में बड़ी रैलियों की बजाय डिजिटल माध्यम पर खास जोर रहेगा.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने ली जानकारी
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वहां तैनात अधिकारियों और राज्य चुनाव आयुक्त से जमीनी हकीकत की जानकारी हासिल करते रहे हैं. अधिकारी चुनाव तैयारियों को लेकर अपनी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजते रहे हैं. आयोग कोरोना संकट को देखते हुए मतदान केंद्रों पर सामाजिक दूरी और अन्य उपायों को लिए विस्तृत कार्ययोजना पहले ही तैयार कर चुका है. चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों को मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट और फेस शील्ड मुहैया करायेगा. मतदान कार्य में लगे अधिकारियों के स्वास्थ्य की निगरानी लगातार की जायेगी और अतिरिक्त कर्मियों की भी व्यवस्था की जायेगी.

अधिकारियों की संख्या अधिक
आयोग का मानना है कि अगर काम के दौरान किसी को कोरोना हो जाये तो उसके बाद तत्काल किसी को नियुक्त किया जा सके. यही वजह है कि इस बार चुनाव के लिए बाहर से चुनाव के लिए तैनात किये जाने वाले अधिकारियों की संख्या अधिक होगी.