बिहार बन सकता हैं सबसे पहले कोरोना वैक्सीन बनाने वाला राज्य, ये हैं वजह

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Desk: बिहार में दो फेज का कोरोना वैक्सीन ट्रायल पूरा हो चुका है। तीसरे फेज की तैयारी शुरू हो गई है। अभी तक 250 से अधिक व्यक्तियों का इसके लिए निबंधन हो चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने रविवार को पटना एम्स में वैक्सीन ट्रायल की समीक्षा की।

इसके बाद चौबे ने पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ सीपी ठाकुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत की। एम्स के निदेशक से डॉ. ठाकुर के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी ली। डॉ. ठाकुर कोरोना पीड़ित होने के बाद पटना एम्स में इलाजरत हैं।

चौबे ने एम्स निदेशक, कोविड प्रभारी एवं अन्य डॉक्टरों के साथ बैठक की। वैक्सीन ट्रायल पर चर्चा के दौरान चौबे ने डॉक्टरों व वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित  किया और उनके कार्यों की सराहना की। कहा कि केंद्र सरकार हर देशवासी तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने पटना एम्स में भर्ती कोरोना मरीजों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव एवं टीबी एसोसिएशन के बिहार चैप्टर के अध्यक्ष उपेंद्र विद्यार्थी से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।

चौबे ने बताया कि बिहार में आरटीपीसीआर जांच को लेकर 17 केंद्रों पर अपग्रेड करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही प्रमंडलीय स्तर पर भी आरटी पीसीआर से टेस्टिंग की व्यवस्था संभव हो जाएगी। केंद्र के सहयोग से बिहार को एक कोबास मशीन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे टेस्टिंग की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बिहार में कोरोना नियंत्रण की स्थिति को बेहतर बताया और लोगों से इससे बचाव की अपील की।