बिहार में अब बाइक के लिए अलग से मिलेंगे फैंसी-VIP नंबर, ऐसे करें अप्लाई

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Patna: बिहार के लोग अब अपने दोपहिया वाहनों के लिए सस्ते दरों पर मनचाहा नंबर ले सकेंगे। फैंसी नंबरों की कीमत में 5 से लेकर 20 हजार रुपये तक की कमी की गई है। पहले दोपहिया वाहनों के फैंसी रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए अलग से सुविधा नहीं थी। चारपहिया वाहनों के आधार शुल्क में ही दोपहिया वाहनों का नंबर भी मिलता था। विभाग ने यह भी सुविधा दी है कि अगर एक जिले में मनचाहा नंबर नहीं पाए तो दूसरे जिले में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए गाड़ी खरीदने के पहले या बाद में ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।

कितनी कम हुई फीस

बिहार के परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल के अनुसार विभाग ने मनपसंद नंबर के आधार शुल्क में भारी कमी की है। इससे दोपहिया वाहन चालक भी मनपसंद नंबर सस्ती दरों में ले सकेंगे। पहले इनका रेट काफी हाई था, जिस वजह से अधिकांश दोपहिया चालक इन्हें नहीं ले पाते थे। आगे जानिए, कितनी कम हुई है फीस :

  • विभाग के इस नए फैसले के बाद अब 0101, 0100, 0012, 1234 जैसे नंबर के लिए आधार शुल्क में 20 हजार रुपये कम लगेंगे। पहले इसी नम्बर के लिए गैर परिवहन वाहन हेतु 35,000 रुपये लगता था, जो घटा कर 15,000 रुपये किया गया है।
  • 0121, 0123, 0151 जैसे मनपसंद नंबर के लिए आधार शुल्क 16,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये किया गया है।
  • इसके अलावा कोई अन्य रजिस्ट्रेशन नंबर, जिसे चालू सीरीज में मनपसंद रजिस्ट्रेशन नंबर के रूप में मांग किया गया हो, उसमें 10,000 रुपये से कम कर 5000 रुपया किया गया है।

क्या है प्रक्रिया

परिवहन सचिव के अनुसार इस तरह के नंबर लेने की प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। आसानी से घर बैठे ही ऑनलाइन फैंसी/मनपसंद नंबर की बुकिंग करा सकते हैं। इसके लिए पहले एम-परिवहन एप या https://vahan.parivahan.gov.in/ वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एक ही फैंसी नंबर के लिए एक से अधिक दावेदार होने की स्थिति में बोली लगेगी और अधिकतम बोली लगाने वाले को वह नंबर दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी तथा आवेदक बोली एवं निष्कर्ष को स्वयं भाग लेकर देख सकेंगे।

सबसे डिमांडेड नंबर

विभाग की सूची में सबसे डिमांडेड नंबरों में 0001, 0007, 0009, 4141 0123, 0021, 5151, 9999 और च्वाइस नंबर 8058, 9909, 9925 और 9990 हैं। इनके लिए सबसे अधिक दावेदार आए हैं। कई लोग अपनी जन्मतिथि, शादी की सालगिरह, ज्योतिष, न्यूमरोलाजी और धार्मिक आधार पर नंबर लेना पसंद करते हैं। कोई किसी खास अंक के नंबर को शुभ व अशुभ मानते हुए नंबरों को लेना चाहते हैं।