BPSC 65वीं की मुख्य परीक्षा रद्द, अगले ही महीने होने वाला था एग्जाम

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Patna:इस वक्त एक बड़ी खबर पटना से सामने आ रही है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 65 वीं मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया है. अगले महीने 4 अगस्त, 5 और 7 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा को पोस्टपोंड कर दिया गया है. बिहार लोक सेवा आयोग की और से इसकी नोटिस जारी की गई है. इसके साथ ही बिहार न्यायायिक सेवा की भी परीक्षा कर दी गई है.

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 65 वीं मुख्य परीक्षा की नई तारीखें आयोग द्वारा बीपीएससी की आधिकारिक साइट bpsc.bih.nic.in पर जल्द ही जारी की जाएंगी. इससे पहले, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) मुख्य परीक्षा 25, 26 और 28 जुलाई को आयोजित होने वाली थी, जिसे तब अगस्त में स्थगित कर दिया गया था. बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में विभिन्न पदों के लिए 434 रिक्तियों के लिए भर्ती आयोजित करेगा.

बीपीएससी 65वीं परीक्षा में कुल वैकेंसी 423 है. बीपीएससी 65वीं मुख्य परीक्षा तीन विषयों की होगी, जिसमें दो अनिवार्य विषय होंगे. सामान्य हिन्दी 100 अंकों का सामान्य अध्ययन (दो पेपर), प्रत्येक 300 अंकों के होंगे. इसके अलावा ऑप्शनल विषयों में से किसी एक विषय को ऐच्छिक विषय के रूप में रखना अनिवार्य है. प्रत्येक ऑप्शनल विषय का एक पेपर होगा जो 300 अंक का होगा. प्रत्येक विषय की परीक्षा की अवधि तीन घंटे की होगी.

सामान्य हिन्दी के क्वलिफाइंग मार्क्स 30 अंक हैं जो अनिवार्य है. मेरिट सूची में इसकी गणना नहीं की जाएगी. बाकी विषयों में सामान्य श्रेणी के लिए 40 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत, एससी, एसटी, महिला, दिव्यांग वर्ग के लिए 32 प्रतिशत मार्क्स हासिल करना अनिवार्य है. इससे कम मार्क्स लाने पर उम्मीदवार प्रतियोगिता से बाहर हो जाएंगे.

इसके अलावा, आयोग सिविल जज (जूनियर ग्रेड) के लिए 221 रिक्त पदों को भरने के लिए 31 वीं न्यायिक सेवा भर्ती अभियान का आयोजन करेगा. बिहार लोक सेवा आयोग ने 9 मार्च, 2020 को 31 वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा की आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी.

सफलता उसी प्रतियोगी को प्राप्त होती है, जो सफलता के दृढ प्रतिज्ञ तथा समर्पित होता है. बिहार लोक सेवा आयोग सिविल सर्विसेज परीक्षा की तयारी एक वर्ष पूर्व आरम्भ कर देनी चाहिए. यह समय-सीमा सभी प्रतियोगियों के लिए है, सफलता में समय प्रबंधन का सार्वधिक महत्व होता है. प्रारम्भिक परीक्षा सामान्य अध्ययन, मुख्य परीक्षा अनिवार्य पत्र तथा वैकल्पिक विषय की तैयारी सन्तुलित ढंग से करनी चाहिए, ताकि कोई भी पत्र किसी भी दृष्टि से कमजोर न पद जाए.