CM नीतीश ने PM को लिखा खत, कहा- वेब पर चलने वालीं अश्लील कन्टेंट पर लगे censorship

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Patna:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध स्ट्रीमिंग सर्विसेज पर सेंसरशिप लागू करने की आवश्यकता जताई है. इस संबंध में रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में महिलाओं और बच्चों के साथ दुष्कर्म और आपराधिक घटनाओं से पूरे देश उद्वेलित होता है. इस तरह की घटनाएं सभी राज्यों में होती हैं जो अत्यंत दुख का विषय है.

मैंने पिछले वर्ष 11 दिसंबर को इंटरनेट पर उपलब्ध पोर्न साइट्स और अनुचित सामग्री पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया था. स्ट्रीमिंग सर्विसेज के माध्यम से प्रसारित हो रहे कार्यक्रमों को सिनेमैटोग्राफ एक्ट के दायरे में लाया जाए ताकि इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके. गाैरतलब है कि नेट फ्लिक्स,हॉट स्पॉट, प्राइम जैसे प्लेटफाॅर्म पर स्ट्रीमिंग सर्विसेज के माध्यम से अश्लील फिल्में और सामग्री दिखाई जाती है.

मुख्यमंत्री ने लिखा है कि स्ट्रीमिंग सर्विसेज पर सेंसरशिप लागू नहीं होने के कारण अत्यधिक आपराधिक मार-धाड़ या सेक्स के खुले प्रर्दशन पर आधारित फिल्में और धारावाहिक इन चैनलों पर दिखाए जाते हैं. ये कार्यक्रम किसी अन्य माध्यम से उपलब्ध नहीं होते हैं. केवल इन्हीं स्ट्रीमिंग सर्विसेज के माध्यम से उपभोक्ताओं को सीधे उपलब्ध होते हैं. जब भी उपभोक्ता चाहे तब यह कार्यक्रम देख सकता है.

इन सेवाओं की दर भी डीटीएच और केबल सेवाओं से काफी कम रहती है. इससे ये सेवाएं उपभोक्ताओं के बीच काफी प्रचलित हैं. बिना सेंसर के लोग अश्लील, हिंसक और अनुचित कन्टेन्ट देख रहे हैं. लोगों के मस्तिष्क को इस तरह की सामग्री गंभीर रूप से दुष्प्रभावित करती है. सिनेमैटोग्राफ एक्ट-1952 में स्पष्ट प्रावधान न होने से इसका फायदा उठाया जा रहा है.