CM नीतीश का बड़ा ऐलान, शहीदों के आश्रित को सरकार देगी नौकरी और 25 लाख रुपए

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Patna: चीन के साथ लद्दाख के गलवान घाटी में हुए संघर्ष में शहीद हुए बिहार के 5 जवानों का पार्थिव शरीर गुरुवार को पटना लाया गया. पटना एयरपोर्ट (Patna Airport) पर स्टेट हेंगर में इन पांचों शहीद के शव रखे गए. वहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar), उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित बिहार सरकार के कई मंत्री और कई पार्टियों के नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी. इसके बाद सहरसा के कुंदन कुमार और साहेबगंज के कुंदन कुमार ओझा के पार्थिव शरीर उनके घर भेजे गए. इसके अलावा 3 और शहीद समस्तीपुर के अमन कुमार, वैशाली के जय किशोर सिंह और भोजपुर के चंदन कुमार के पार्थिव शरीर दानापुर आर्मी कैंप में रखे गए हैं. इन्हें सुबह इनके घरों के लिए भेजा जाएगा.

इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीदों के परिजनों को सरकार की तरफ से 11-11 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. इसके अलावा शहीद के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 25-25 लाख रुपए की राशि भी दी जाएगी. सरकार ने घोषणा की है कि सभी शहीदों के एक-एक आश्रित को सरकार नौकरी देगी.

शहीद जवनों को श्रद्धांजलि देने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए चीन कोको मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही. साथ ही जवानों के परिजनों को हरसंभव मदद देने की बात भी कही. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोगों से हम अपील करेंगे की वो चीन के सामानों का बहिष्कार करें. इसके साथ ही तेजस्वी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश बुरे दौर से गुजर रहा है. देश के अंदरुनी और बॉर्डर के हालात ठीक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि ऑल पार्टी मीटिंग के लिए अभी आरजेडी को नहीं कहा गया है. इनविटेशन आने पर इसपर विचार किया जाएगा.

बता दें कि भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुए संघर्ष में बिहार के छह सपूत शहीद हुए हैं. इनमें पांच बिहार के हैं, जबकि झारखंड के साहेबगंज के कुंदन कुमार ओझा का मूल घर बिहार के आरा में ही है. चीन के सैनिकों से हुए खूनी संघर्ष में दानापुर स्थित 16-बिहार रेजिमेंट सेंटर (बीआरसी 16) के 12 जवान शहीद हुए हैं.