चीनी सामान के बहिष्कार के समर्थन में उतरे CM नीतीश, कहा- ये टिकाऊ नहीं होते

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Patna:CM नीतीश कुमार ने कहा है कि चीन के उत्पाद की खरीदारी हमलोग नहीं करें. इसके लिये पूर्व में हुए करार पर भी विचार करने की जरूरत है. हमलोगों को स्वदेशी सामानों को बढ़ावा देना चाहिये, जो प्रधानमंत्री की प्राथमिकता सूची में भी है.

मुख्यमंत्री शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत-चीन सीमा के हालात पर चर्चा के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बुलायी गई सर्वदलीय बैठक में बोल रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन से जो भी सामान अपने देश में आता है, उसके कारण पर्यावरण को भी संकट हो रहा है. खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक सामान भारतीय बाजार में भारी मात्रा में बिक रहे हैं. खिलौनों में प्लास्टिक का बहुत ज्यादा प्रयोग होता है. यह इको फ्रेंडली भी नहीं है, इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि चीन का उत्पाद टिकाऊ नहीं है. मूल्य कम होने की वजह से लोग इसे खरीद लेते हैं.

मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा है कि चीन की हरकत के खिलाफ पूरा देश एकजुट है. सभी लोग इसका बदला लेना चाहते हैं. यदि चीन अपमानित कर रहा है तो इसे बर्दाश्त करने की जरूरत नहीं है. भारत के भू-भाग पर कब्जा करने के बारे में चीन सोचता है, तो यह उसके लिए असंभव है. हम सभी दलों का कर्तव्य है कि एकजुट रहकर केन्द्र का समर्थन करें. प्रधानमंत्री को निर्णय लेना है. प्रधानमंत्री जो निर्णय लेंगे, हम सभी उनके साथ हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत-चीन सीमा के हालात पर चर्चा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री बोल रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने अपनी तरफ से हमेशा कोशिश की है कि चीन के साथ अच्छा संबंध हो. बचपन में वे हिन्दी-चीनी, भाई-भाई का नारा सुना करते थे, किंतु चीन का रवैया भारत के प्रति अच्छा नहीं रहा है. उसे भारत से चिढ़ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चाई जो भी हो, आम अवधारणा यही है कि दुनिया में कोरोना वायरस चीन के वुहान के बॉयोलॉजिकल लैब से ही निकला और पूरे विश्व में फैला. कोरोना वायरस नेचुरल नहीं है, क्योंकि इसका तापमान, मौसम और क्षेत्र से कोई संबंध नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गलवान घाटी में शहीद होने वाले 20 जवानों में से पांच बिहार के थे. राज्य सरकार अपनी तरफ से शहीदों के सम्मान में उनके परिवार को हरसंभव मदद कर रही है. पूरे देश में इस घटना से आक्रोश है. यह देश की एकता एवं अखंडता का सवाल है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरा देश एकजुट है, इसमें राजनीतिक दलों के बीच कोई मतभेद नहीं है.