बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 40 हजार के पार, सिर्फ जुलाई में 187 लोगों ने दम तोड़ा

176

Patna: बिहार में सोमवार को कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 40 हजार के पार कर गया है. राज्य में संक्रमण का दर तेजी से बढ़ रहा है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुरूआती 10 हजार केस सामने आने में 102 दिन लगे, 20 हजार केस में 14, 30 हजार में 7 और 40 हजार केस पहुंचने में मात्र पांच दिन लगे. इस हिसाब से देखा जाए तो पहले 10 हजार केस सामने आने के बाद 20 गुनी रफ्तार से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. बिहार में अब तक 41111 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है और 27844 लोग ठीक हो चुके हैं.

तारीख मरीजों की संख्या
1 जुलाई 10 हजार+
15 जुलाई 20 हजार+
22 जुलाई 30 हजार+
27 जुलाई 40 हजार+

बिहार में कोरोना का पहला केस 21 मार्च को सामने आया था. मुंगेर के एक युवक की मौत के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. इसके बाद लॉकडाउन-1 और 2 में हर रोज औसतन 30 से 40 मरीज ही मिल रहे थे. लॉकडाउन-3 और 4 खत्म होते-होते रोजाना करीब 200 मरीज मिलने लगे. अनलॉक-1 यानी जून महीने में यह आंकड़ा रोजना 300 के करीब पहुंच गया. जुलाई महीने में मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी और पहले हफ्ते में हर रोज औसतन 700 मरीज मिले. इसके बाद दूसरे हफ्ते में एक हजार से ज्यादा और तीसरे-चौथे हफ्ते में यह आंकड़ा ढाई हजार पहुंच गया.

जुलाई में तेजी से बढ़ा मरीजों की मौत का ग्राफ
31 मई यानि लॉकडाउन चार खत्म होने तक बिहार में कोरोना से 23 लोगों की मौत हुई थी. अनलॉक-1 यानि जून में इस बीमारी से 45 लोगों ने दम तोड़ा. जुलाई में कोरोना से मरने वाले मरीजों का ग्राफ तेजी से बढ़ा. इसी महीने अब तक 187 मरीज कोरोना से दम तोड़ चुके हैं. औसतन हर रोज 7 लोगों की मौत हो गई है. पिछले माह की तुलना में साढ़े चार गुना ज्यादा मरीजों मौत हो रही है.

रिकवरी रेट 67.73, राष्ट्रीय औसत से 4% ज्यादा
बिहार में धीरे-धीरे रिकवरी रेट बढ़ रहा था और 28 जून को यह 78.5 फीसदी तक पहुंच गया था. लेकिन, इसके बाद कोरोना मरीजों के मिलने की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ और इसकी तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम हो गई. हालांकि, पिछले एक हफ्ते में मरीजों के ठीक होने का ग्राफ भी ऊपर चढ़ा और यह 67.73 तक पहुंच गया है. यह राष्ट्रीय औसत से चार फीसदी अधिक है.

अब तक 4.70 लाख सैंपल की जांच
बिहार में अब तक 4 लाख 70 हजार 560 सैंपल की जांच हो चुकी है और इसमें 41111 पॉजिटिव केस सामने आए हैं. इस हिसाब से हर 11 सैंपल में एक केस पॉजिटिव मिल रहा है. शुरुआती दौर में 50 में से एक केस पॉजिटिव मिल रहे थे. जुलाई महीने की अगर बात करें तो 2 लाख 49 हजार 670 सैंपल की जांच हुई है और 31367 मरीज मिले. यानि हर आठ में से एक केस पॉजिटिव मिल रहा है. यह आंकड़े काफी चिंताजनक हैं.