बिहार विधानसभा में ग्रुप डी की बहाली का फर्जी रिजल्ट गेट पर चिपकाया, केस दर्ज

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Patna:बिहार विधानसभा में ग्रुप डी में बहाली के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा मामला सामने आया है. जहां धंधेबाजों ने नियुक्ति के लिए फर्जी रिजल्ट निकाल दिया और सचिव के हस्ताक्षर के साथ विधानसभा के गेट पर चिपका दिया. विधानसभा में मंगलवार की सुबह फर्जी रिजल्ट की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया. तो वहीं जब इसकी जानकारी विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी को मिली तो उन्होंने तत्काल कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया. उनके निर्देश पर ही फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सचिवालय थाने में मामला दर्ज करवाया गया है.

विधानसभा में इस समय ग्रुप डी की बहाली की प्रक्रिया चल रही है. इसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. दो साल पहले ही विधानसभा में 166 पदों पर नियुक्ति होनी थी. इसके तहत ऑफिस अटेन्डेंट के 90 पद, ऑफिस अटेन्डेंट वॉचमैन के लिए 9 पद, ऑफिस अटेन्डेंट स्वीपर के लिए 10 पद, ऑफिस अटेन्डेंट गार्डनर के लिए 20 पद, ऑफिस अटेन्डेंट फराश के लिए 6, लाइब्रेरी अटेन्डेंट के लिए 7, सीक्वेंस डिस्ट्रीब्यूटर के लिए 10 और ड्राइवर के लिए 14 पदों पर बहाली होनी थी. हालांकि बाद में 152 पदों का विज्ञापन निकाला गया. इसके लिए 56 हजार लोगों ने इंटरव्यू दिए.

गत वर्ष नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु हुई. कई दिनों से विधानसभा में रिजल्ट प्रकाशित होने की चर्चाएं चल रही थी. इसी बीच सुबह विधानसभा के गेट नंबर 6 पर किसी ने फर्जी रिजल्ट चिपका दिया. इस पर सचिव का दस्तखत भी था. उम्मीदवारों को धीरे-धीरे रिजल्ट प्रकाशित होने की खबर मिली तो बड़ी संख्या में लोग विधानसभा पहुंचने लगे. गेट-6 पर भीड़ लग गयी. इसके बाद विधानसभा सचिवालय को इसकी खबर हुई.

विधानसभा के उपनिदेशक संजय कुमार सिंह ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है, जिसने सुनियोजित तरीके से फर्जी रिजल्ट प्रकाशित किया है. उन्होंने कहा कि रिजल्ट पर सचिव के नाम से किया गया दस्तखत भी जाली है. उन्होंने इसमें किसी अभ्यर्थी के शामिल होने की भी आशंका व्यक्त की है. उपनिदेशक ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के निर्देश पर सचिवालय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

विधानसभा ने फिर किया सतर्क
विधानसभा ने अभ्यर्थियों को ऐसे ठगों से सावधान रहने को कहा है. कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति विधानसभा में नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा हो तो इसकी जानकारी तत्काल विधानसभा सचिवालय को दिया जाना चाहिए. विधानसभा ने इसके लिए एक नंबर 0612-2215709 जारी भी किया है. विधानसभा ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी अभ्यर्थी का कोई संबंध ऐसे गिरोह से होने की जानकारी मिली तो उनकी दावेदारी रद्द कर दी जाएगी.

अच्छी-खासी वसूली की आशंका
आशंका है कि इसके पीछे अच्छी-खासी वसूली भी की गयी हो. धंधेबाजों ने भ्रम पैदा करने और झांसा देने के लिए ही विधानसभा के गेट नंबर 6 पर सचिव के दस्तखत वाला फर्जी रिजल्ट भी चिपका दिया. ताकि जिनसे वसूली की गयी है, उन लोगों को विश्वास हो जाए कि रिजल्ट विधानसभा की ओर से ही निकाला गया है.