पटना को नए साल में मिलेगी जाम, कचरा व अपराध से मुक्‍ती, ये हैं वजह

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Patna: स्मार्ट सिटी का सपना संजोए पटनाइटस को नए साल में सबसे खूबसूरत तोहफा देने की तैयारी युद्ध स्तर पर की जा रही है। शहर को जाम मुक्त, कचरा मुक्त और अपराध मुक्त रखने की बहुप्रतीक्षित स्मार्ट परियोजना ‘ इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) के भवन निर्माण का कार्य काफी तेज गति से चल रहा है। 20 सितंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा निर्माण कार्य का आरंभ किए जाने के लगभग ढाई माह के भीतर ही ग्राउंड फ्लोर की छत ढलाई तक का कार्य पूर्ण हो चुका है। पहले तल्ले की छत भी इसी सप्ताह ढाले जाने की तैयारी हो रही है। जी प्लस फोर भवन का निर्माण होना है। स्मार्ट सिटी की विवादों में पड़ी परियोजनाओं में से एक आईसीसीसी के निर्माण की अब हुई तेज गति से 2021 में इसके पूर्ण होने की उम्मीदें जग गई हैं।

दूर हुआ राह का रोड़ा तो तेज हुई काम की गति

पटना में 871 एकड़ की परिधि को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने की योजना की राह में दो वर्षों के भीतर कई रोड़े आए हैं। खासकर आइसीसीसी को लेकर तो मामला अदालत की चौखट तक चला गया। इसके टेंडर की प्रक्रिया ही कानूनी पचड़े में फंस गई। अदालती हस्तक्षेप के बाद बोर्ड की चौदहवीं बैठक में पुरानी निविदा को रद करनी पड़ी थी। नए सिरे से निविदा के उपरांत सितंबर में इसका कार्यारंभ किया गया है। अब तेज गति से निर्माण हो रहा है। पहले तो 2019 में ही इस भवन का निर्माण कार्य शुरू कर फरवरी 2020 तक पूर्ण कर दिया जाना था।

यातायात, अपराध, सुरक्षा और आपदा की होगी सेंटर से निगरानी

भवन निर्माण पूर्ण हो जाने के बाद इंट्रीग्रेटेड एंड मल्टी एजेंसी प्लेटफार्म के जरिए मजबूत तकनीक अनुभव के आधार पर आईसीसीसी को कार्यरत किया जाएगा। शहर में तीन हजार से अधिक क्लोज सर्किट कैमरे लगाकर आइसीसीसी स्थित सेंटर से निगरानी होगी। यातायात के सुचारू संचालन से लेकर दुर्घटनाओं तक पर नजर रखी जाएगी। आपराधिक गतिविधियों और मेडिकल इमरजेंसी या आपदा की स्थिति में भी कमांड और कंट्रोल सेंटर से मॉनीटरिंग हो सकेगा। कचरा प्रबंधन के लिए भी इस सेंटर से मॉनीटर किया जाएगा।