आज हम बिहार की एक और बेटी की चर्चा कर रहे हैं जिन्हीने संगीत की दुनियां में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।

657

आज हम बिहार की एक और बेटी की चर्चा कर रहे हैं जिन्हीने संगीत की दुनियां में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। ये हैं Kritika Gautam. सुश्री कृतिका गौतम बिहार के सहरसा ज़िले की रहनेवाली हैं और प्रोफ़ेसर गौतम सिंह की सुपुत्री हैं। कृतिका बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं।

अभियंत्रण ( इंजीनियरिंग ) में B. Tech. कर चुकी कृतिका ने गायन के अतिरिक्त पारंपरिक कथक नृत्य में भी दक्ष हैं। प्रयाग संगीत समिति , इलाहाबाद ( अब प्रयागराज ) से इन्होंने गायन एवम कथक में उपाधि ली है।

इन्होंने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय से संगीत में स्नातकोत्तर की भी शिक्षा ली है। एक रोचक तथ्य ये भी है कि इस विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में भी ये अपनी आवाज़ का जादू बिखेर चुकी हैं। इनके पिता गौतम सिंह स्वयं एक कलाकार हैं और सहरसा के एक महाविद्यालय में संगीत के प्रोफ़ेसर भी।

इन्होंने गायन एवम नृत्य का प्रारंभिक प्रशिक्षण अपने पिता से प्राप्त किया। बाद में मधेपुरा महाविद्यालय की प्रोफ़ेसर भारती सिंह से भी इन्हें सीखने को मिला। इन्होंने कई आयोजनों में भाग लिया और पुरस्कृत भी हुईं जैसे, कोशी महोत्सव, उग्रतारा महोत्सव, बिहार दिवस आदि। सुश्री कृतिका एक मैथिली फ़िल्म के लिए भी अपनी आवाज़ दे चुकी हैं और कई ख्यात कलाकारों के साथ भी इन्हें गाने का अवसर मिल चुका है। प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक चंदन दास , कविता कृष्णमूर्ति के अतिरिक्त बिनोद राठौड़ के साथ भी इन्हें गाने का अवसर मिला है।

कृतिका इंडियन आइडल एवम इंडियाज़ गॉट टैलेंट की भी प्रतिभागी रह चुकी हैं। Kritika Singh Gautam हिंदी फ़िल्मों के लिए स्वर देना चाहती हैं और इन्हें कुछ सफलताएं भी मिली हैं। इनकी आवाज़ अत्यंत ही मधुर है और हम आशा करते हैं कि अपनी सुमधुर आवाज़ से संगीत प्रेमियों का ये भरपूर मनोरंजन करेंगी। आज इनकी आवाज़ में एक छठ गीत प्रस्तुत है। सुश्री कृतिका को Bihar Story की तरफ़ से भी हार्दीक शुभकामनाएं।