बिहार के 25 लाख समर्थकों से जुड़ेगी नीतीश की पहली वर्चुअल चुनावी रैली

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Patna: बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की बिहार विधानसभा चुनाव-2020 के मद्देनजर होने वाली पहली रैली को उनके हर प्रशंसक, हर शुभचिंतक, हर समर्थक से जोड़ने की तैयारी है। 7 अगस्त को होने वाली इस वर्चुअल रैली को विशाल बनाने में पार्टी के हर कार्यकर्ता 7 जुलाई से ही जुट जाएंगे और एक महीने इसकी तैयारी चलेगी। पार्टी ने 15 साल से बिहार के मुख्यमंत्री की इस रैली को दलीय समर्थकों से ऊपर उठकर एनडीए के हर समर्थकों तक सीधे पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। 

7 जुलाई को जदयू के राष्ट्रीय संगठन महासचिव आरसीपी सिंह छात्र जदयू से फेसबुक लाइव संवाद के जरिए जुड़ेंगे और 15 जुलाई तक वे पार्टी के सभी प्रकोष्ठों के साथ बैठक कर अपने नेता की रैली की तैयारियों को कसेंगे। 18 जुलाई से आरसीपी सिंह, बशिष्ठ नारायण सिंह, बिजेन्द्र प्रसाद यादव और राजीव रंजन सिंह ललन के नेतृत्व में जदयू का विधानसभा वार वर्चुअल सम्मेलन आरंभ होगा। 31 जुलाई तक रोजाना सभी नेता 6-6 विस क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से जुड़ेंगे। इन सम्मेलनों में भी 7 अगस्त की रैली पर व्यापक चर्चा होगी। हर स्तर के नेताओं को लक्ष्य दिया जाएगा। जमीनी स्तर पर रैली को सफल बनाने की पार्टी की रणनीति को निचले स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

पार्टी के प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्या ने कहा कि विस सम्मेलन 7 अगस्त की रैली को सफल बनाने में बड़ा माध्यम बनेगा। इसके जरिए विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी ग्रासरूट पर अपना अभियान आरंभ करेगी।

कोरोना संकट के बीच पार्टी को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने में जुटे जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली को बिहार के न्यूनतम 25 लाख कार्यकर्ता और समर्थकों से जोड़ने का लक्ष्य है। इसको लेकर जदयू ने बुनियादी तैयारी की है। पार्टी एक लिंक जारी कर चुकी है, जिसपर अपने बारे में कुछ जरूरी जानकारी देकर कोई भी इससे जुड़ सकता है। दावा किया कि नीतीश कुमार में आस्था रखने वाले 15 से 20 लाख लोग इस लिंक के जरिए इस माह ही हमसे जुड़ जायेंगे। डॉ. आर्या ने कहा कि बिहार के 72 हजार 300 बूथों पर औसतन 10 लोगों की कमेटी पार्टी ने बना रखी है। सवा सात लाख से अधिक बूथ स्तर के कार्यकर्ता ही 7 अगस्त की रैली से जुड़ेंगे। डॉ. अमरदीप के मुताबिक राज्य, जिला, प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर तक जदयू का व्हाट्सएप चेन बन चुका है।