पटना को रेड जोन से बाहर निकालने में जूटी नीतीश सरकार, नए साल में मिलने जा रहा 50 CNG बसों का तोहफा

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Patna: नए साल में राजधानी की सड़कों पर 50 नई सीएनजी बसें दौड़ेंगी। इन बसों के लिए टेंडर का काम फरवरी-मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद नई बसों को अप्रैल तक सड़कों पर उतारा जाएगा। परिवहन निगम इस दिशा में तेजी से काम रहा है। फिलहाल राजधानी की सड़कों पर 20 सीएनजी बसें चल रही हैं, मगर यह पुरानी डीजल बसें थीं जिन्हें सीएनजी में कन्वर्ट किया गया था। नए साल में आने वाली बसें नई होंगी और सीएनजी से ही चलेंगी। इससे राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्‍या में उल्‍लेखनीय सुधार होगा।

रूटों का निर्धारण होना बाकी

सीएनजी बसों का परिचालन मुख्य रूप से नगर सेवा में किया जाएगा। पटना जंक्शन से गांधी मैदान, एयरपोर्ट, दानापुर, फुलवारीशरीफ जैसी रूटों पर सीएनजी बस सेवा शुरू की जा सकती है। इसके अलावा पटना से मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, बिहारशरीफ जैसे रूट पर भी सीएनजी बस सेवा शुरू करने की योजना है। परिवहन निगम के अधिकारी बैठक कर इस पर अंतिम निर्णय करेंगे।

प्रदूषण से मिलेगी निजात

वायु प्रदूषण के मामले में पटना देश के सबसे प्रदूषित शहरों में एक है। सीएनजी बसों के परिचालन का मकसद प्रदूषण का स्तर कम करना भी है। डीजल बसों से वायु प्रदूषण सबसे ज्यादा फैलता है। सीएनजी बसों के आने से इससे राहत मिलेगी। इससे पहले सीएनजी ऑटो का परिचालन भी राजधानी में शुरू किया गया है।

जनवरी में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें

सीएनजी बसों से पहले अगले माह जनवरी में राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू हो सकता है। पहले चरण में 20 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए फुलवारीशरीफ डिपो में चार्जिंग स्टेशन बन रहा है। इस बाबत परिवहन निगम के सचिव संजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि अगले तीन-चार महीनों में कई तरह की सुविधाएं शुरू की जानी हैं। लग्जरी, इलेक्ट्रिक व सीएनजी बसों के परिचालन से राजधानी के यात्रियों को सहूलियत होगी। जल्द ही इन बसों के परिचालन के उद्घाटन की तारीख की औपचारिक घोषणा की जाएगी।