पटना के इन 10 जगहों पर बनने जा रहा मेट्रो स्टेशन, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

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Patna: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime minister Narendra Modi) द्वारा 2025 तक 25 शहरों में मेट्रो ट्रेन दौड़ाने की घोषणा के बाद पटना में भी परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। नए साल में पटना मेट्रो परियोजना को पटरी पर लाने के लिए डिपो के साथ स्टेशनों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

बुधवार को पटना रेल कॉरपोरेशन ने जिला भू-अर्जन कार्यालय को दस स्टेशनों की सूची सौंपते हुए भूमि अधिग्रहण की अधियाचना भेज दी है। इससे पहले अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के समीप पहाड़ी और रानीपुर मौजे में डिपो निर्माण के लिए नगर एवं आवास विभाग की अधियाचना के बाद 76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा जा चुकी है।

04 रूटों में चार दर्जन से अधिक स्टेशन प्रस्तावित, कई स्टेशन भूमिगत बनाए जाने हैं
76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है
45 दिनों के अंदर मूल्यांकन रिपोर्ट देने का दिया गया निर्देश
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी पंकज पटेल ने बताया कि पहाड़ी और रानीपुर मौजा में भूमि अधिग्रहण के लिए सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी विकास प्रबंधन संस्थान को सौंप दी गई है। संस्थान को 45 दिनों के अंदर मूल्यांकन रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। बुधवार को मिली स्टेशनों की सूची के भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद मूल्यांकन का कार्य कराया जाएगा।

भू-अधिग्रहण के लिए अधियाचना

स्टेशन : मौजा : रकबा (एकड़)

रामकृष्णनगर : जगनपुरा : 0.1422
रामकृष्णनगर : चांगड़ : 0.174
मीठापुर वायोडेक्ट : विग्रहपुर : 0.4812
पीएमसीएच : मोहर्रमपुर : 0.0722
आकाशवाणी : मोहर्रमपुर : 0.1024
भूतनाथ : बहादुरपुर : 0.0189
खेमनीचक मेट्रो क्रासिंग : जगनपुरा : 0.0830
न्यू आइएसबीटी : पहाड़ी : 2.1819
खेमनीचक : जगनपुरा : 0.071
डिपो सह स्टेशन : पहाड़ी और रानीपुर : 76.00

तीन चरणों में पूरी होगी मेट्रो परियोजना

पटना मेट्रो परियोजना को तीन चरणों में पूरा किए जाने की योजना है। चार रूटों में चार दर्जन से अधिक स्टेशन प्रस्तावित हैं। कई स्टेशन भूमिगत बनाए जाने हैं। प्रस्तावित कई स्टेशनों के लिए सरकारी जमीन चिन्हित की गई है। जिन स्टेशनों के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं हैं, वहां भूमि अधिग्रहण के लिए क्रमवार अधियाचना भू-अर्जन कार्यालय को दी जा रही है। पहले डिपो और अब दस स्टेशनों की अधियाचना के साथ ही अधिग्रहण प्रक्रिया प्रारंभ हो गई। नए साल के पूर्वार्ध में भूमि अधिग्रहण का लक्ष्य रखा गया है।