हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, कहा- हर काम कराने के लिए हमारे आदेश की जरूरत क्यों पड़ती है

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Desk: पटना हाईकोर्ट ने बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन अब तक नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की है। गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर की बदहाली से जुड़ी गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका को सुनते हुए चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने बुधवार को सुनवाई की। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह बताने का निर्देश दिया कि कितने दिनों में बोर्ड का गठन हो जाएगा। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार को हर कार्य के लिए कोर्ट के आदेश की जरूरत क्यों है। कोर्ट ने जानना चाहा कि अब तक बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन क्यों नहीं किया गया। आचार्य किशोर कुणाल के अध्यक्ष पद से हटने के बाद अब तक बोर्ड का गठन नहीं हो पाया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 6 जनवरी 2021में होगी। बिहार यूनिवर्सिटी के B.ED छात्रों को राहत डिस्टेंट लर्निंग के जरिये बीएड करने वाले छात्रों को राहत देते हुए हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को यह निर्देश दिया है कि इन छात्रों का कोर्स जल्द से जल्द पूरा करवा कर परीक्षा लें। न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह को एकलपीठ ने इस मामले में दायर रिट याचिका को सुनते हुए यह निर्देश दिया। डिस्टेंट लर्निंग के बीएड कोर्स का एफिलिएशन 2017 में ही चांसलर (कुलाधिपति ) के कार्यालय से रद्द कर दिया गया था। इससे इन बीएड छात्रों का कोर्स पूरा नहीं हो पाया है। 4 जनवरी से हाईकोर्ट में होगी फिजिकल सुनवाई पटना हाई कोर्ट प्रशासन ने बुधवार को अधिवक्ता संघों को बताया कि क्रिसमस छुट्टी के बाद 4 जनवरी से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ फिजिकल सुनवाई की जाएगी। हाईकोर्ट के तीन अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति के अध्यक्ष योगेश चन्द्र वर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने उन्हें बताया कि 23 कोर्ट रूम को फिजिकल सुनवाई के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया गया है। केवल वैसे वकीलों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी जिनका केस सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होगा।