अभी-अभी: बिहार के नए हेल्थ सेक्रेट्री बने प्रत्यय अमृत, कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य विभाग में दूसरी बार फेरबदल

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Patna: बिहार में लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच राज्य के प्रधान स्वास्थ्य सचिव उमेश सिंह कुमावत को हटा दिया गया है। उनकी जगह पर सीनियर आईएएस अफसर प्रत्यय अमृत को यह जिम्मेदारी दी गई है।  बता दें कि बिहार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने रविवार को मुख्य्मंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर कहा था कि वर्तमान स्वास्थ्य सचिव का व्यवहार डॉक्टरों के प्रति उदासीन है। उनके व्यवहार से डॉक्टरों में रोष है। आईएमए ने भोजपुर और गोपालगंज के जिलाधिकारियों को भी चिकित्सक विरोधी व्यवहार के कारण स्थानांतरित किये जाने की मांग की। बिहार आईएमए के सचिव डॉ सुनील ने अनुरोध किया कि जिस प्रकार प्रशासनिक और पुलिसकर्मियों के लिए कोविड अस्पतालों में 25 फीसदी बेड आरक्षित करने का निर्देश दिया गया है, उसी प्रकार डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी 25 फीसदी बेड आरक्षित की जाए। साथ ही, उन्होंने सभी डॉक्टरों से कोरोना के संकट काल में लोगों को अधिक अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की। बिहार में 2192 नए कोरोना संक्रमित मिले, 6 की मौत बिहार में 2192 नए कोरोना संक्रमित मिले। इनमें 26 जुलाईं को 812, 25 जुलाईं को 1048 और 24 जुलाईं व इसके पूर्व 332 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान शामिल है।इसके साथ ही बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 41,111 हो गई। जबकि सोमवार को छह कोरोना संक्रमितों की इलाज के दौरान मौत हो गयी। इसके साथ ही कोरोना पीड़ितों की मौत की संख्या बढ़कर 255 हो गयी। इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमित 27,844 स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की दर 67.73 फीसदी है। पिछले 24 घंटे में 1536 संक्रमित मरीज स्वस्थ हुए पिछले 24 घंटे में राज्य में 1536 संक्रमित मरीज स्वस्थ हो गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी। डाक्टरों ने उन्हें तत्काल 7 दिनों के लिए होम क्वारंटीइन में रहने की सलाह दी। राज्य में अबतक 27 हजार 844 संक्रमित मरीज स्वस्थ हो चुके है। जबकि बिहार में वर्तमान में 13 हजार 11 एक्टिव मरीज है। एक दिन में हुई 14,236 सैम्पल की जांच बिहार में पिछले 24 घंटे में 14,236 सैम्पल की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में अबतक 4 लाख 70 हजार 560 सैम्पल की जांच की जा चुकी है। कोरोना की जांच की व्यवस्था एंटीजेंन किट के माध्यम से  प्राथमिक चिकित्सा केंद्र तक की गई है। इससे राज्य में जांच का दायरा बढ़ गया है।