नवंबर तक हो सकती हैं PU में सभी लंबित परीक्षाएं, विश्वविद्यालय ने जारी किया एकेडमिक कैलेंडर

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Patna: पूरे बिहार में लॉकडाउन के कारण पिछले 3 महीने से पठन-पाठन का कार्य बाधित है. यूनिवर्सिटी में आमतौर पर मार्च महीने में परीक्षाएं आयोजित की जाती थी. लेकिन लॉकडाउन के चलते सब ठप पड़ी हुई है. पटना विश्वविद्यालय में कोरोना काल शुरू होने के पहले परीक्षाएं शुरू ही हुई थी कि लॉकडाउन लागू हो गया था. जिस वजह से विश्वविद्यालय बंद हो गया था.

लॉकडाउन के कारण पटना विश्वविद्यालय ने परीक्षा को स्थगित कर दिया था. परीक्षा स्थगित होने के बाद से विश्वविद्यालय के छात्रों को एकेडमिक सेशन के कंटिन्यूटी को लेकर डर लग रहा है. जबकि, विश्वविद्यालय प्रबंधन सभी लंबित परीक्षाओं को नवंबर तक पूरा करा लेने का प्रयास कर रही है. लंबित परीक्षा को लेकर पटना विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ मनोज मिश्रा ने बताया कि अंडर ग्रेजुएट फाइनल ईयर का मात्र एक पेपर बच गया था. लगभग सभी पेपर की परीक्षाएं ली जा चुकी थी.

उन्होंने बताया कि जो एक और दो पेपर बचे हुए हैं, उन्हें जुलाई के आखिरी सप्ताह तक पूरा करा लेने को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पूरी तैयारी कर ली है. अगर सरकार की तरफ से आदेश दिए जाएंगे. तो परीक्षा को पूरी करा लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस परीक्षा के बाद उनकी प्राथमिकता होगी कि पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स और सेल्फ फाइनेंस कोर्स जो जॉब ओरिएंटेड कोर्स है उनकी परीक्षाएं सितंबर-अक्टूबर तक करा लिए जाएं.

डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि कोरोना के कारण शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ा है. उनका प्रयास होगा कि जो भी बचे हुए परीक्षाएं हैं. जैसे डर ग्रेजुएट कोर्सेज के फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर. इसके साथ ही पीजी फर्स्ट सेमेस्टर और सेकंड सेमेस्टर के एग्जाम अक्टूबर-नवंबर तक पूरा करा लिए जाएं. नवंबर में परीक्षाएं संपन्न हो जाने से श्वविद्यालय के सेशन को रेगुलर रखा जा सकता है. उनका पूरा प्रयास होगा की अगला सेशन रेगुलर हो.

गौरतलब है कि पीयू में नया एकेडमिक कैलेंडर जारी हो गया है. नए कैलेंडर के मुताबिक एडमिशन के लिए अप्लाई करने के लिए अंतिम तिथि को बढ़ाकर 14 अगस्त कर दिया गया है. विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षाओं की भी तिथि निर्धारित कर दी गई है. पटना विश्वविद्यालय में 19 अगस्त से 5 सितंबर तक विभिन्न कोर्सेज के लिए प्रवेश परीक्षा की तिथि निर्धारित की गई है. हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन का यह भी कहना है कि अगर स्थिति सामान्य नहीं होगी तो, इस कैलेंडर में बदलाव भी संभव है.