98 साल की उम्र में पीजी करने वाले राजकुमार वैश्य ने मिसाल पेश कर छोड़ी दुनिया

183

DESK: नालंदा खुला विश्वविद्यालय से 98 वर्ष की उम्र में स्नातकोत्तर की डिग्री लेने वाले राजकुमार वैश्य का 101 वर्ष की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। 1940 में बैचलर ऑफ लॉ करने वाले वैश्य ने 2017 में वहां से स्नातकोत्तर की उपाधि ली।

2015 में जब उन्होंने पीजी में नामांकन के लिए 96 वर्ष की उम्र में आवेदन किया तो विवि प्रशासन ने उनके लिए नियमों में बदलाव करते हुए उनके प्रवेश पत्र से लेकर शिक्षा सामग्री को उनके घर पहुंचाया था।

उन्होंने अभियंता के पद से सेवानिवृत्त होने 40 वर्षों बाद स्नातकोत्तर में नामांकन लिया था। उनके पुत्र डॉ. संतोष कुमार एनआईटी पटना में शिक्षक रह चुके हैं, जबकि पुत्रवधू डॉ. भारती एस कुमार पटना विवि में सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन पद से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।

लिम्का बुक में दर्ज है नाम

राजकुमार वैश्य का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे अधिक उम्र में स्नातकोत्तर की उपाधि लेने के लिए दर्ज किया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उनके घर जाकर उनसे मुलाकात की थी।