Rohtasgarh Fort History: बिहार का रोहतास शहर एक पौराणिक एवम ऐतिहासिक शहर है। पर्यटन की दृष्टि से देखें…

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Rohtasgarh Fort History in hindi

Rohtasgarh Fort History: बिहार का रोहतास शहर एक पौराणिक एवम ऐतिहासिक शहर है। पर्यटन की दृष्टि से देखें तो यहां अनेकों दर्शनीय स्थल हैं, किन्तु आज हम Rohtasgarh Fort History के बारे में चर्चा करेंगे।


Rohtasgarh Fort History in Hindi

ऐसी मान्यता रही है कि इस शहर ( रोहतास ) को श्रीराम के पूर्वज राजा हरिश्चंद्र के पुत्र रोहित या रोहिताश्व ने बसाया था, इसी कारण इस शहर का नाम रोहतास पड़ा। जनश्रुति है कि इस प्रसिद्ध क़िले ( रोहतासगढ़ क़िला ) का निर्माण भी राजा रोहिताश्व ने करवाया था, एवम यहां से अपना राजकाज चलाया था।

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रोहतास शहर बनारस या वाराणसी के निकट ही है जहां राजा हरिश्चंद्र को चांडाल का सेवक बनना पड़ा था एवम यहीं सर्पदंश से रोहित की मृत्यु हुई हैं, बाद में उन्हें पुनः जीवनदान मिला था। इस क़िले पर बाद में कई राजाओं का अधिपत्य रहा एवम इस क़िले से उन्होंने अपना शासन भी चलाया। साक्ष्यों के अनुसार अकबर के शासनकाल में भी रोहतास एक स्वतंत्र राज्य था । सन 1528 में राजा मान सिंह यहां से रोहतास सरकार चलाते थे। रोहतास उस समय प्रांतीय राजधानी थी एवम बिहार एवम बंगाल के कुछ परगनों पर उनका शासन चलता था।

बाद के वर्षों में ये क़िला कुशवाहा क्षत्रिय राजाओं के अधिकार में आ गया और उन्होंने इस क़िले से अपना शासन चलाया। 1539 ईसवी में शेरशाह ने धोखे से इस क़िले पर कब्ज़ा कर लिया। कहानी प्रसिद्ध है कि हुमायूं से लड़ाई होने पर शेरशाह ने कुशवाहा राजाओं से निवेदन किया कि स्त्रियों की सुरक्षा के लिए उन्हें इस क़िले में शरण दें। कुशवाहा राजाओं ने विश्वास कर स्त्रियों की डोली को क़िले में प्रवेश की आज्ञा दे दी।

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क़िले के भीतर घुसते ही डोलियों में सवार सैनिक निकल पड़े और एक छोटी लड़ाई में कुशवाहा सैनिकों को हराकर इस क़िले को अपने अधिकार में ले लिया। इस प्रकार शेरशाह ने छलपूर्वक क़िले को हथिया लिया। बाद में शेरशाह ने क़िले के चारों ओर चारदीवारी का निर्माण भी करवाया ताकि क़िला पूरी तरह सुरक्षित रहे। प्रसंगवश, बहुत ही कम लोगों को ये तथ्य ज्ञात होगा कि रोहतास क़िले के नाम से एक और क़िला भी है।

सन 1539 ईसवी में बिहार के रोहतास शहर प्रसिद्ध क़िले पर अपनी विजय की स्मृति में शेरशाह ने पंजाब के झेलम शहर ( अब पाकिस्तान में स्थित ) में एक नया शहर रोहतास को बसाया एवम यहां भी एक रोहतास क़िले को बनवाया। पाकिस्तान स्थित ये रोहतास क़िला भी अपनी शानदार बनावट के लिए अत्यंत प्रसिद्ध है और यूनेस्को द्वारा इसे 1979 में विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया गया है।

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पुनः, बिहार के रोहतासगढ़ क़िले की बात करें तो ये क़िला दर्शनीय है एवम पर्यटन के लिए शानदार जगह है। इस क़िले के मध्य रोहतासन मंदिर भी एक दर्शनीय स्थल है। इसके अतिरिक्त ऐना महल ( राजा मैन सिंह की पत्नी आइना महल के नाम पर ) और जामा मस्जिद आदि भी दर्शनीय हैं। इस क़िले से सम्बंधित एक अफ़वाह भी है कि रात के समय इस क़िले के अंदर से स्त्रियों के रोने की आवाज़ें आती हैं, इसलिए रात में इस क़िले के अंदर जाने की कोई हिम्मत नहीं करता।

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ख़ैर, जो भी हो ये क़िला एवम शहर अपनी ऐतिहासिकता एवम पौराणिक आख्यानों के लिए प्रसिद्ध है और यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। बिहार सरकार की उदासीनता से क़िले की हालत ख़स्ताहाल हो गई है, अगर सरकार इस शहर एवम क़िले के जीर्णोद्धार पर ध्यान दे तो ये क़िला एवम शहर एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है।

– प्रणव कर्ण ‘ स्वनिल ‘