JDU के 17 विधायक पार्टी छोड़कर RJD में आने को तैयार, क्या CM नीतीश बचा पाएंगे अपनी कुर्सी ?

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Desk: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मामूली जीत के बाद विपक्ष जहां एनडीए की परेशानी बढ़ाने की कोशिश में लगा है। वहीं अरूणाचल प्रदेश के जदयू विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद बिहार की सियासत में उबाल आया हुआ है। इस बीच राजद नेता और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके श्याम रजक ने ये दावा कर एनडीए के साथ-साथ जदयू की भी परेशानी बढ़ा दी है कि जदयू के 17 विधायक पार्टी के संपर्क में और वे कभी भी राजद ज्वाइन कर सकते हैं। श्याम रजक ने दावा किया कि बीजेपी की कार्यशैली से नाराज जेडीयू के विधायक बिहार की एनडीए सरकार को गिराना चाहते हैं।

न्यूज चैनल आजतक से बातचीत में श्याम रजक ने दावा किया भाजपा की कार्यशैली से नाराज जदयू के 17 विधायकों को दल-बदल कानून के अंतर्गत सदस्यता रद्द होने के खतरे से बचाने के लिए फिलहाल रोककर रखा गया है। उन्होंने कहा कि अगर जेडीयू के 25 से 26 विधायक पार्टी छोड़कर आरजेडी में शामिल होंगे तो दल-बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता पर आंच नहीं आएगी।

श्याम रजक ने कहा कि पूरे घटनाक्रम पर उनकी नजर है और वे कुछ और जेडीयू विधायकों के पार्टी छोड़कर आरजेडी में शामिल होने के इंतजार में हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही जदयू के और भी विधायक पार्टी छोड़कर राजद में शामिल होंगे। अरुणाचल प्रदेश की घटना को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में राजद नेता ने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में जिस तरह से जदयू के 6 विधायकों को भाजपा ने अपनी पार्टी में शामिल किया है उससे तो ये साफ हो गया है कि भाजपा नीतीश कुमार पर हावी हो गई है। इसी कारण से जदयू के विधायक पार्टी छोड़ना चाहते हैं।

जदयू ने कहा- लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे रजक
वहीं जदयू नेता और प्रवक्ता राजीव रंजन ने श्याम रजक के दावों पर कहा कि वह भ्रामक बयान देकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड पूरी तरीके से एकजुट है और बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में कार्यकाल पूरा करेगी और 5 साल सरकार चलाएगी। राजीव रंजन ने कहा कि जेडीयू में कहीं कोई असंतोष नहीं है। अरुणाचल की घटना से पार्टी आहत जरूर है मगर पार्टी के विधायक किसी के झांसे में नहीं आने जा रहे हैं।

शिवानंद का दावा नीतीश कुमार को दरकिनार कर रही भाजपा
आपको बता दें कि इससे पहले राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री शिवानंद तिवारी ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भाजपा लगातार दरकिनार कर रही है। इसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के सामने विरोध दर्ज कराना चाहिए। कहा कि नीतीश कुमार आगे क्या रास्ता अपनाते हैं, यह तो उन्हीं को तय करना है। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग पासवान ने जिस तरीके से नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी की, उसे भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता ने रोकने का प्रयास नहीं किया। कहा कि चुनाव बाद दिल्ली भाजपा कार्यालय में जो जश्न हुआ तो लगा कि अकेले भाजपा की जीत है। तिवारी ने कहा कि हाल में दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने पीएम से मिलने के बाद बयान दिया कि बिहार की जनता ने भाजपा पर भरोसा किया। उन्होंने कहा कि इसका मतलब जनता ने एनडीए या नीतीश कुमार पर भरोसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल की घटना में तो समर्थन देने वाले जदयू के विधायकों को ही भाजपा ने शामिल कर लिया।

जदयू को एनडीए छोड़कर विपक्ष के साथ आने का ऑफर
इससे पहले बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ राजद नेता उदय नारायण चौधरी व पार्टी नेता विजय प्रकाश ने जदयू को एनडीए छोड़कर विपक्ष के साथ आने का ऑफर दिया। अरुणाचल प्रदेश में जदयू विधायकों को भाजपा में शामिल किए जाने के प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार खुद पीएम बनें और तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाएं। उदय नारायण चौधरी और विजय प्रकाश ने कहा कि भाजपा द्वारा किए जा रहे अपमान के बाद अब नीतीश कुमार जी को फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे बिहार में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार रहे तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप दें। बदले में राजद उन्हें विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने को तैयार है।