बेटा को डॉक्टर बनने के लिए इंग्लैंड भेजा था विकास दुबे, 6.30 करोड़ रुपये सूद पर दिया था

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Patna:कानपुर में 8 पुलिसवालों की हत्या का मुख्य आरोपी कुख्यात क्रिमिनल विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया. विकास के एनकाउंटर के बाद ईडी ने यूपी पुलिस से विकास दुबे की संपत्ति की सूची मांगी है. अपराध की दुनिया में नाम कमाने वाले विकास दुबे ने इसी की बदौलत अकूत संपत्ति जुताई थी. जिसके बारे में जानकार आप भी हैरान रह जायेंगे. आइये जानते हैं जुर्म की दुनिया से कमाई हुई विकास की काली कमाई के बारे में…

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विकास दुबे की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है. विकास दुबे के नाम से लखनऊ में दो बड़े मकान हैं. अपने फाइनेंसर और सबसे विश्वस्त जय बाजपेयी के जरिये विकास दुबे ने अपनी काली कमाई का हिस्सा दुबई और थाईलैंड में निवेश किया था. इसके अलावा, ईडी ने यूपी पुलिस से विकास दुबे, उसके परिवार के सदस्यों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल सहयोगियों का भी विवरण मांगा है. प्रवर्तन निदेशालय ने विकास दुबे के खिलाफ आपराधिक मामलों की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी है.

संपत्ति की छानबीन में एक और बात निकल कर सामने आई है. पुलिस की और से दी गई जानकारी के मुताबिक नोटबंदी के पहले के करीब 6.30 करोड़ रुपये की नगदी को विकास दुबे ने 2% सूद पर चलाया था. बताया जा रहा है कि जय बाजपेयी ने इस 2% को 5% छूट पर मार्केट में दे रखा है.

विकास दुबे के परिवार के कई सदस्य अच्छी जगहों पर हैं. विकास दुबे अपनी पत्नी रिचा दुबे को नेता बनाना चाहता था. इसलिए उसने रिचा को राजनीति में भेजा था. रिचा दुबे से पुलिस ने कई मामलों में पूछताछ की है और खासकर नेताओं और व्यापारियों के साथ संबंध को लेकर भी पूछताछ हुई है. विकास दुबे का राजनीति में अच्छा दखल था. चुनाव के समय नेताओं को वोट बैंक के लिए विकास की ज़रूरत पड़ती थी और सभी वहाँ हाजिरी लगाते थे. विकास अपने इलाके में लोगों की खुलकर मदद भी करता था. इसी वजह से कई लोग उसका समर्थन भी करते थे.

विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे जिला पंचायत सदस्य है, लेकिन वह कानपुर की बजाय लखनऊ में रहती है. रिचा दुबे को भी विकास के अपराधों की जानकारी रहती आई है, लेकिन खुद को और बच्चों को इन सब से दूर रखा है. इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि विकास दुबे का एक बेटा इंग्लैंड में रहता है. जानकारों के अनुसार, विकास का बेटा इंग्लैंड में एमबीबीएस कर रहा है. जबकि दूसरा बेटा यहीं किसी अच्छे स्कूल से 12वीं कर रहा है.

विकास दुबे के पास अकूत संपत्ति है. कई लक्ज़री कारें, कानपुर के अलावा लखनऊ में भी घर है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विकास के कई कॉलेज चलते हैं, ईंट भट्टे भी हैं. इसके अलावा विकास कई अवैध कामों से भी जुड़ा हुआ था. एनकाउंटर से पहले कानपुर में स्थानीय प्रशासन ने विकास दुबे के किले जैसे घर को उसी जेसीबी से मिट्टी में मिला दिया जो पुलिस टीम के घेराव में इस्तेमाल की गई थी. फिर उसकी कारों को जेसीबी के नीचे कुचला गया. उसका लखनऊ का एक मकान है, अब उसे भी गिराने की तैयारी चल रही है.

विकास दुबे का राजनीति में अच्छा दखल था. चुनाव के समय नेताओं को वोट बैंक के लिए विकास की ज़रूरत पड़ती थी और सभी वहाँ हाजिरी लगाते थे. विकास अपने इलाके में लोगों की खुलकर मदद भी करता था. इसी वजह से कई लोग उसका समर्थन भी करते थे. विकास के खिलाफ कुल 60 मुक़दमे थे, इसके बाद भी वह बचा रहा. विकास की बड़े स्तर पर सांठगाँठ थी, जिसकी वजह से वह इतने सालों तक बचा रहा. पुलिस भी उसका साथ देती थी. 2001 में तत्कालीन बीजेपी सरकार में राज्यमंत्री की थाने में हत्या कर दी थी, इसके बाद भी थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मी गवाही से मुकर गए थे.